शेरपा लोग कौन होते हैं

नेपाल के 50 वर्षीय पर्वतारोही कामी रिता शेरपा ने एक हफ्ते के अंदर दूसरी बाद माउंट एवरेस्ट की सफल चढ़ाई की है। उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी (8,848 मीटर) की रिकॉर्ड 24वीं बार चढ़ाई कर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। क्षमा करें, तसवीर इन्हीं की 23 वीं बार एवरेस्ट चोटी फतह की है। अब जानते हैं कि ये शेरपा कौन हैं?

    शेरपा एक मानव जाति है, जिनका मुख्य निवास नेपाल और तिब्बत के हिमालयी क्षेत्रों तथा उसके आसपास के इलाकों में है। एवरेस्ट की घाटी में भी यही लोग रहते हैं। तिब्बती भाषा में शर का अर्थ होता है पूरब तथा पा प्रत्यय लोग के अर्थ को व्यक्त करता है; अतः शेर्पा का शाब्दिक अर्थ होता है पूरब के लोग। ये लोग पिछले २०० वर्षों में पूर्वी तिब्बत से आकर नेपाल के इन इलाकों में बस गए। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों के लोग शेर्पा स्त्रियों को शेर्पानी कहते हैं।

    पर्वातारोहण में सिद्धहस्त होने की इनकी प्रतिभा के कारण नेपाल में पर्वतारोहियों के गाइड तथा सामान ढोने के कार्यों में इन शेरपाओं की सेवा ली जाती है। एवरेस्ट के पहले विजेता पर्वतारोही शेरपा तेनजिंग का नाम आप जानते ही होंगे। केदारनाथ हिमालय पर भी पहली मानव चढ़ाई इन्होंने ही की थी!! आजकल नेपाली पर्वतारोही गाइड को सामान्य रूप से शेरपा कहा जाने लगा है भले ही वो शेरपा समुदाय के हों या ना हों।

   इन लोगों की भाषा शेर्पा भाषा है। यह भाषा तिब्बत की पुरानी और पारंपरिक भाषा से 65% मिलती है और ये लोग बौद्ध धर्म को मानते हैं।

माउंट एवरेस्ट कुछ तथ्य

- माउंट एवरेस्ट दुनिया की सबसे ऊंची चोटी है, जिसकी ऊंचाई 8848 मीटर (29029 फुट) है।

- इस चोटी पर सबसे पहले 1953 में न्यूजीलैंड के एडमंड हिलेरी और नेपाल के शेरपा तेनजिंग नारवे ने फतह की।

- एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए वैसे तो सबसे पापुलर तीन रास्ते हैं एक नेपाल की ओर से, दूसरा तिब्बत वाला और तीसरा चीन के रास्ते। इसके अलावा अलग-अलग 18 और रास्ते हैं।

- नेपाल में माउंट एवरेस्ट को सगरमथा के नाम से जाना जाता है।

- फरवरी 2014 तक 4042 लोग एवरेस्ट पर फतह कर चुके हैं। इसके अलावा 2829 लोग ऐसे हैं, जो दो या इससे अधिक बार एवरेस्ट चढ़ चुके हैं।

- एवरेस्ट पर चढ़ाई के दौरान फरवरी 2014 तक 248 लोगों की मौत हो चुकी है।

Credit : Sachchida Nand Semwal, satpuli kotdwar.

Sign In or Register to comment.